Matlabi Ye Duniya Hai Matlabi Zamana Hai
- 2 months ago fiber_manual_record 456 views
Title : Yeh Na Poocho Kidhar Ja Rahi Hun Aaj Main
Category : Manqabat Lyrics
Writer/Lyricist : Shamim Raza Faizi
Naatkhwan/Artist : Shamim Raza Faizi
Added On : 08 Sep, 2023 03:12 PM IST
Views : 69K Downloads : 1.7K
Time to read: 2 min read
translate Select Lyrics Language:
ये ना पूछो किधर जा रही हूं
आज मैं अपने घर जा रही हूं
मेरे बच्चों ना आंसू बहाना,
कब्र ही तो है असली ठिकाना
ये ना समझो के मर जा रही हूँ,
आज मैं अपने घर जा रही हूं
सामने रूये सरकार होगा,
कब्र में उनका दीदार होगा
बस यही सोच कर जा रही हूँ,
आज मैं अपने घर जा रही हूं
साथ मेरे नहीं सोना चाँदी,
हाथ मेरे है दोनों खाली
छोड़ कर माल ओ ज़र जा रही हूँ,
आज मैं अपने घर जा रही हूं
दफ़न करके मुझे ना भूलना,
कब्र पर तुम मेरी आना जाना
सुनलो लक्ते जिगर जा रही हुं,
आज मैं अपने घर जा रही हूं
सिर्फ दो गज का जोड़ा पहन कर,
शान से चार कंधो पर हो कर
देखो करके सफ़र जा रही हूँ,
आज मैं अपने घर जा रही हूं
ये ना पूछो किधर जा रही हूं
आज मैं अपने घर जा रही हूं