Mustafa Ka Pyara Hai Fatima Ka Shehzada
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Title : Maa Ka Sath Na Choote Ke Teri Maa Na Roothe
Category : Kalam Lyrics Manqabat Lyrics Nazm Lyrics
Writer/Lyricist : Sajjad Nizami (Marhoom)
Naatkhwan/Artist : Sajjad Nizami (Marhoom)
Added On : 05 Oct, 2022 06:02 PM IST
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माँ तो माँ है माँ का हम पर कितना बड़ा एहसान
तेरी माँ न रूठे कभी तेरी माँ ना रूठे
हाँ माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ ना रूठे
माँ का साया जिसके सरपर वो तो बड़ा धनवान (x2)
हन माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ न रूठे
आंचल में वो हमको छुपा कर खून जिगर का पिलाती है
खुद भुकी सो जाती है (x2)
खुद गीले में रहकर हमको सूखे में वो लेटाती है
अच्छी नींद सुलाती है (x2)
माँ के एक एहसान पे अपना तन मन धन कुर्बान
माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ ना रूठे
माँ के शिकम से दुनिया भर में कैसे कैसे लाल हुए
गौस हुई अब्दाल हुए (x2)
माँ के क़दमों को छूते ही ऐसे माला माल हुए
सरताबा खुशहाल हुए (x2)
माँ ने दुआ जिस को भी दी है उसकी ऊंची शान
माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ ना रूठे
माँ का दिल तो माँ का दिल है उस जैसा ना पाओगे
धूनड़ते ही रह जाओगे (x2)
रब की लानत नाज़िल होगी माँ को जो तड़पोगे
चैन कहीं ना पाओगे (x2)
सरकार ए कौनैन का सुन लो बस है यही फरमान
माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ ना रूठे
माँ न होती तू ना होता तू माँ की ही बदौलत है
ये सच है ये हकीकत है (x2)
कौल ए नबी है माँ के कदमों के नीचे ही जन्नत है
बस रहमत ही रहमत है (x2)
माँ के लिए गर देना पड़े तो दे देना तू जान
माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ ना रूठे
बच्चे कैसे भी हो लेकिन माँ के लिए तो प्यारे हैं
उसकी आँख के तारे है (x2)
अपनी माँ के दिल को जीत के जो भी माँ के सहारे हैं
फिर वो किस से हारे है (x2)
माँ का कहना मान अगर कुछ बनना है नादानी
माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ ना रूठे
माँ के दूध का कर्ज चुकाना तेरे बस की बात नहीं
ये तेरी औकात नहीं (x2)
माँ से अफजल बीवी और बच्चों में कोई ज़ात नहीं
ये मामुली बात नहीं (x2)
कुछ भी हो सज्जाद तू माँ का रखना ध्यान
माँ का साथ ना छुटे, कभी तेरी माँ ना रूठे