Nabi Ko Bulana Falak Se Bhi Upar
- 2 months ago fiber_manual_record 732 views
Title : Woh Sahre Mohabbat Jahan Mustafa Hai
Category : Naat Lyrics
Writer/Lyricist : Various/Unknown
Naatkhwan/Artist : Shahid Raza Ashrafi
Added On : 09 Feb, 2023 12:29 PM IST
Views : 3K Downloads : 257
Time to read: 1 min read
translate Select Lyrics Language:
वो शहरे मोहब्बत जहां मुस्तफा है
वही घर बनाने को जी चाहता है
वो सोने के कंकर वो सोने की मिट्टी
नज़र में बसाने को दिल चाहता है
जो पूछा नबी ने के कुछ घर भी छोड़ा
तो सिद्दिके अकबर के होंटों पे आया
वह मालों दौलत की क्या है हकीकत
जहां जान लूटाने को दिल चाहता है
वो नन्हा सा असगर वो एडी रगड़ कर
यही कह रहा है वो खेमे मे रोकर
ऐ बाबा मैं पानी का प्यासा नहीं हूँ
मेरा सर कटाने को दिल चाहता है
सितारों से यह चंद कहता है हर दम
तुम्हें क्या बताये वो टुकड़ों का आलम
इशारे में आका के इतना मज़ा था
के फिर टूट जाने को दिल चाहता है