Mustafa Ka Pyara Hai Fatima Ka Shehzada
- 3 weeks ago fiber_manual_record 307 views
Title : Ummat Ka Gum Hai Kya Koi Puche Huzoor Se
Category : Naat Lyrics
Writer/Lyricist : Akhtar Raza Khan Azhari Asad Iqbal Kalkattavi
Naatkhwan/Artist : Asad Iqbal Kalkattavi
Added On : 04 Jul, 2022 07:17 AM IST
Views : 5.3K Downloads : 237
Time to read: 1 min read
translate Select Lyrics Language:
उम्मत का गम है क्या कोई पूछे हुज़ूर से (x2)
आँसू छलक छलक पड़े चसमाने नूर से
इफ्तार कर रहे है मदीने मे मुस्तफा (x2)
पानी से या नामक से या अजवा खुज़ूर से (x2)
आँसू छलक छलक पड़े चषमाने नूर से
जिबरील कह रहे है फरिश्तों की बज़्म मे (x2)
प्यार मेरा बेलाल है जन्नत की हूर से
जिबरील कह रहे है फरिश्तों की बज़्म मे (x2)
कितना हसीन बेलाल है जन्नत की हूर से
इस वास्ते ज़कात को लाज़िम किया गया (x2)
मुफलिश के घर मे रोशनी पहुचे जरूर से (x2)
आँसू छलक छलक पड़े चषमाने नूर से
दुश्मन भी चेहरा देखे तो वो भी यही कहे (x2)
अख्तर चमक रहा है अंधेरे मे नूर से