Mustafa Ka Pyara Hai Fatima Ka Shehzada
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Title : Haider Ka Gharana Karbal Mein
Category : Naat Lyrics
Writer/Lyricist : Sajjad Nizami (Marhoom)
Naatkhwan/Artist : Sajjad Nizami (Marhoom)
Added On : 23 Mar, 2023 05:58 AM IST
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हैदर का घराना करबल में क्या ज़ुल्म अनोखे सहेता है,
प्यासे है मोहम्मद के प्यारे,
और सामने दरिया बहेता है
हैदर का घराना करबल में क्या ज़ुल्म अनोखे सहेता है
दिल डूब गया है बानो का,
और खून का दरिया बहेता है,
जिस झूले में असगर सोते थे,
दो दिन से वो खाली रहेता है
हैदर का घराना करबल में क्या ज़ुल्म अनोखे सहेता है
ज़ैनब की नज़र है चौखट पर,
और कान लगे है आहट पर,
जब कोई दुलारा बाहर हो,
तो माँ को खटका रहेता है
हैदर का घराना करबल में क्या ज़ुल्म अनोखे सहेता है
ऐ कूफीयों क्या पाया तुमने,
उन पर ही सितम ढाया तुमने,
जिस घर का हर एक बच्चा बच्चा,
सरकार से निस्बत रखता है
हैदर का घराना करबल में क्या ज़ुल्म अनोखे सहेता है
ऐ शिमरे लायीं ज़ालिम तूने,
प्यास ही गला काटा तूने,
बह जाते है आँखों से आँसू,
वो मंज़र सामने आता है
हैदर का घराना करबल में क्या ज़ुल्म अनोखे सहेता है
सज्जाद शहीदों का गम है,
जितना ही लिखो उतना काम है,
हर साल मुहर्रम में घर घर,
शब्बीर का चर्चा होता है
हैदर का घराना करबल में क्या ज़ुल्म अनोखे सहेता है